पिन (PIN) मेल और फीमेल कनेक्टर्स में सबसे महत्वपूर्ण कंडक्टर होता है और करंट व सूचना संचारण का मुख्य स्रोत है। पिन की संख्या कनेक्टर की करंट और सूचना संचारण क्षमता को भी निर्धारित करती है। सामान्य तौर पर, पिन की संख्या जितनी अधिक होगी, कनेक्टर का चालकता प्रभाव उतना ही बेहतर होगा। हालांकि, यह अनिवार्य नहीं है; उदाहरण के लिए, कुछ 12 पिन वाले कनेक्टर 16 या 24 पिन वाले कनेक्टर से महंगे हो सकते हैं। इसका मुख्य कारण पिन की निर्माण प्रक्रिया, सामग्री का चयन और अन्य संबंधित कारक हैं।
Amass कनेक्टर पिन की क्या विशेषताएं हैं? LC सीरीज़ के मेल और फीमेल कनेक्टर्स का उदाहरण लेकर हम आपको विस्तार से समझाते हैं:
एलसी सीरीज के मेल और फीमेल प्लग पिन में मेल और फीमेल हेड का अंतर होता है।
वास्तविक उत्पाद में, LC सीरीज़ के मेल और फीमेल प्लग के पिन में सिंगल पिन, 2 पिन और 3 पिन जैसे तीन प्रकार के पिन होते हैं, और कभी-कभी सिग्नल पिन का संयोजन भी उपयोग किया जा सकता है। करंट रेंज 10A से 300A तक होती है, जो अधिकांश स्मार्ट उपकरणों के लिए उपयुक्त है।
पिन और वायर हार्नेस को षट्कोणीय रिवेटिंग टूल का उपयोग करके क्रिम्प किया जाता है। क्रिम्पिंग एकसमान और सुंदर होती है, और क्रिम्पिंग का प्रभाव अच्छा होता है, जिससे वेल्डिंग ऑक्सीकरण की समस्या से बचा जा सकता है।
एलसी सीरीज के मेल और फीमेल प्लग पिन में एक अनूठा लाभ है, जो मुख्य रूप से सामग्री, संरचना, कोटिंग और अन्य पहलुओं में परिलक्षित होता है:
1. तांबे का चालक: पीतल की तुलना में उच्च धारा वहन क्षमता और अधिक धारा उठाने की क्षमता।
2. क्राउन स्प्रिंग संरचना: मेल और फीमेल कनेक्टर्स की सेवा अवधि बढ़ाती है और तात्कालिक टूटने से बचाती है।
3. सोने पर चांदी की परत चढ़ी होती है: उच्च चालकता, अच्छी वेल्डिंग क्षमता
मेल और फीमेल प्लग के विवरण के लिए, कृपया https://www.china-amass.net देखें।
पोस्ट करने का समय: 22 मार्च 2023



